जशपुर 25 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्राइवेट हॉस्पिटल और निजी पैथोलॉजी संचालकों की समीक्षा बैठक ली।
कलेक्टर ने सभी प्राइवेट हॉस्पिटल के डाक्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी अल्ट्रासाउंड के माध्यम से लिंग भ्रूण का पता लगाना कानूनी अपराध है किसी भी संस्थान के दौरा ऐसी शिकायतें मिलती है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध pcpndt एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और संस्था के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान प्राइवेट हॉस्पिटल में होने वाले गर्भवती महिलाओं की जांच और सिजेरियन ऑपरेशन की भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि पत्थलगांव निजी अस्पताल से और कुनकुरी के 2 प्राइवेट हॉस्पिटल की ज्यादा शिकायतें मिल रही है। अस्पताल संचालकों को व्यस्था में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है।
कलेक्टर ने कहा कि बेटियां नहीं रहेगी तो अपने बेटों के लिए बहू कहां से ला पाएंगे इसलिए बेटीयों को भी बचाने की जिम्मेदारी सभी पालकों की है।
कलेक्टर ने सभी प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालकों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी गर्भवती महिलाओं और अन्य महिलाओं का प्रत्येक माह के सप्ताह के दो दिन 9 तारीख और 24 तारीख को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं।
और महिलाओं का एएनसी जांच करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा स्वास्थ्य परीक्षण से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की स्थिति पहले से पता चल पाएगी ताकि उचित इलाज समय पर किया जा सके।
कलेक्टर ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल के गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव की जानकारी ली और कम प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कुनकुरी निजी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के ज्यादा केस आने पर इसे गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को टीम गठित करके जिन अस्पताल में ज्यादा शिकायतें मिल रही है वहां जांच करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान केन्द्र सरकार की राहवीर योजना की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वालों सम्मानित किया जाएगा। और शासन द्वारा निर्धारित राशि भी ईनाम के रूप देने का प्रावधान किया गया है।
योजना का उद्देश्य गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाना है जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है।
इस दौरान घायलों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति तत्परता से घायलों को अस्पताल पहुचांता है तो उस व्यक्ति को राहवीर की उपाधि दी जाएगी और सम्मानित किया जाएगा।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को जिले में टीबी और कुष्ठ मरीजों का स्वास्थ्य जांच करके चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं और मरीजों को समय पर दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए कहा है। टीबी मुक्त अभियान के तहत 100 दिन का जिले में कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस दौरान टीबी से संभावित मरीजों का चिन्हांकन किया जाएगा और उन्हें निःशुल्क दवाई उपलब्ध कराई जाएगी
कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समय पर टीकाकरण करने निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीएस जात्रा और प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालक और निजी पैथोलॉजी संचालकगण उपस्थित थे।




















