टी.बी. मुक्त जशपुर बनाने की दिशा में बड़ी पहल , टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत 100 दिवसीय ‘निक्षय निरामय 2.0 अभियान का हुआ शुभारंभ

जशपुरनगर, 25 मार्च 2026/ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में 100 दिवसीय “निक्षय निरामय 2.0 अभियान” का शुभारम्भ किया गया।  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जांच एवं सर्वे कर टी.बी. मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने तथा उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले को टी.बी. मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि टी.बी. के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच एवं उपचार कराएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा एवं अन्य अधिकारियों ने प्रचार प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

*उच्च जोखिम वाले मरीजों को पहचान कर किया जाएगा उपचार*

अभियान का उद्देश्य  उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों (60 वर्ष से अधिक उम्र, BMI 18.5 से कम, मधुमेह के मरीजों, PLHIV, धुम्रपान एवं शराब का सेवन करने वाले, टी.बी. मरीजों के कांटेक्ट, पूर्व में टी.बी. से ग्रसित व्यक्तियों) की स्कीनिंग कर टीबी के समस्त एवं छुटे हुए मरीजों की पुष्टि करना, टी.बी की दवाई व पोषण आहार प्रदाय कर मृत्यू को कम करना, टी.बी. संक्रमण को रोकने हेतु प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट प्रदाय करना, तथा टीबी से बचाव, रोकथाम एवं उपचार को बढ़ावा देने हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही  14 वर्ष से अधिक उम्र के समस्त व्यक्तियों की स्कीनिंग किये जाने या 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यदि पिछले 2 साल में टी.बी. बीमारी हो, टी.बी. मरीज के कॉन्टेक्ट रहे हों, गंभीर कुपोषित हो, एच.आई.व्ही. से ग्रसित हो या उच्च जोखिम समूह में हो तो भी स्कीनिंग किया जाना है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्रतिवर्ष 2 बार एक्स-रे के द्वारा स्कीनिंग और टी.बी. मरीज के सम्पर्क में आने वालों को शत प्रतिशत निःशुल्क प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट लेना अनिवार्य है।
   
        *04 चरणों में चलाया जाएगा अभियान*

यह अभियान 04 चरणों में आयोजित होगा, प्रथम चरण में मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर लक्षण के अनुसार लाक्षणिक स्कीनिंग करना एवं उच्च जोखिम व्यक्तियों की सूची अद्यतन करना। दुसरे से चौथे चरण में विभिन्न स्तर के अस्पतालों में आयुष्मान शिविर आयोजित कर सिम्प्टोमेंटिक एवं हैण्डहेल्ड एक्स-रे का उपयोग कर स्क्रीनिंग करना है। अभियान के दौरान प्रत्येक हैण्डहेल्ड एक्स-रे मशीन से न्यूनतम 100 एक्स-रे एवं अधिकतम 200 एक्स-रे प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ओ.पी.डी. में आने वाले मरीजों में से 5 से 10 प्रतिशत मरीजों का टी.बी. स्क्रीनिंग करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
शुभारम्भ अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अभियान का उद्देश्य के बारे में बताया और कहा कि व्यापक जनभागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इस दौरान डॉ. व्ही. के. इन्दवार जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, डॉ. रोशन बरियार जिला क्षय अधिकारी सहित टी.बी. विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

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