कुनकुरी, 28 मार्च 2026। शासकीय बाला साहेब देशपांडे महाविद्यालय कुनकुरी द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत ग्राम कंडोरा में आयोजित विशेष शिविर के दौरान बाल विवाह रोकथाम, किशोर-किशोरी सशक्तिकरण एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम एवं बौद्धिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों, किशोरों एवं अभिभावकों को सामाजिक, शैक्षिक एवं व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में यूनिसेफ एवं एग्रिकोन संस्था से जिला समन्वयक सुश्री शालिनी गुप्ता ने किशोर-किशोरियों के सर्वांगीण विकास, सकारात्मक सोच एवं जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने “आज क्या सीखा” गतिविधि के माध्यम से अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद को सशक्त बनाने पर बल देते हुए पारिवारिक सहभागिता को आवश्यक बताया।
विकासखंड समन्वयक श्री पंकज यादव ने “पढ़ाई का कोना” विषय पर जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन एवं अनुशासित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं श्री गुरुदेव प्रसाद ने साइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बच्चों एवं अभिभावकों को सजग रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान “गुड टच एवं बैड टच” तथा “कोमल की कहानी” जैसे सरल एवं प्रभावी माध्यमों से बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, सोशल मीडिया के जोखिम एवं सावधानियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर रौनियार समाज की प्रमुख सदस्य श्रीमती सुषमा गुप्ता ने व्यक्तित्व विकास पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं निरंतर प्रयास को सफलता का मूल मंत्र बताया। कार्यक्रम में गायत्री कौशिक की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही महाविद्यालय के NSS कार्यक्रम अधिकारी श्री रामानुज ध्रुव, श्री राहुल एवं अन्य प्राध्यापकों के साथ स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बाल विवाह एवं साइबर सुरक्षा विषय पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सामाजिक संदेशों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान कर मेडल से सम्मानित किया गया। साथ ही अतिथियों एवं सहयोगी अधिकारियों का भी सम्मान किया गया।
यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों एवं युवाओं को सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आया, जिसकी सराहना उपस्थित जनसमुदाय द्वारा की गई।




















