जशपुर: 15 जुलाई से शुरू होगा नक्शा नवीनीकरण अभियान, 214 गांवों के जर्जर नक्शे होंगे नए , 30 सितंबर तक चलेगा बड़ा अभियान , कलेक्टर ने जारी किया रोस्टर

जशपुर, 12 जुलाई 2026। जिले में भू-अभिलेखों को अधिक सटीक, अद्यतन और व्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर रोहित व्यास ने वर्ष 2026-27 के लिए 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक नक्शा नवीनीकरण अभियान चलाने का रोस्टर जारी किया है। अभियान के तहत जिले के सभी तहसीलों के चयनित राजस्व निरीक्षक मंडलों में पुराने एवं जर्जर नक्शों का नवीनीकरण किया जाएगा।

214 राजस्व ग्रामों के 710 नक्शा शीट होंगे नए

जारी रोस्टर के अनुसार जिले के 27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में अभियान संचालित होगा। इस दौरान 766 राजस्व ग्रामों की कुल 2456 नक्शा शीटों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें 214 जर्जर राजस्व ग्रामों की 710 नक्शा शीटों का नवीनीकरण किया जाएगा। प्रत्येक मंडल के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है।

चरणबद्ध तरीके से चलेगा अभियान

रोस्टर के अनुसार अभियान इस प्रकार संचालित होगा—

15 से 21 जुलाई: मनोरा एवं आस्ता

22 से 28 जुलाई: जशपुर एवं लोदाम

29 जुलाई से 4 अगस्त: आरा एवं कुनकुरी

5 से 11 अगस्त: नारायणपुर एवं गोरिया

12 से 18 अगस्त: दुलदुला एवं सिमड़ा

19 से 25 अगस्त: फरसाबहार, तपकरा एवं कोल्हेनझरिया

26 अगस्त से 1 सितंबर: बगीचा, बिमड़ा, कुर्रोग एवं सरबकोम्बो

2 से 8 सितंबर: सन्ना, पंडरापाठ एवं कांसाबेल

9 से 15 सितंबर: दोकड़ा, पत्थलगांव एवं केराकछार

16 से 22 सितंबर: तमता एवं लुड़ेग

23 से 30 सितंबर: बागबहार एवं कोतबा


समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश

कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय के माध्यम से कार्यालय आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नियमित निगरानी में होगा पूरा अभियान

अभियान के पर्यवेक्षण के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके निर्देशन में संपूर्ण कार्य संपन्न होगा। संबंधित पटवारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमानुसार आवश्यक संशोधन दर्ज कर सभी अभिलेखों का सही संधारण सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे भूमि संबंधी अभिलेख अधिक पारदर्शी और अद्यतन होंगे, जिससे सीमांकन, नामांतरण, भू-अभिलेख सुधार सहित अन्य राजस्व कार्यों का त्वरित और सुगम निष्पादन संभव हो सकेगा

Please Share With Your Friends Also

संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ पोर्टल बदलते भारत की सबसे विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है। सबसे सटिक और सबसे तेज समाचार का अपडेट पाने के लिए जुडिए हमारे साथ" टीम :- Samvad Chhattisgarh

Leave a comment