जशपुर, 12 जुलाई 2026। वन महोत्सव के तहत जशपुर वनमण्डल में चल रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। वन परिक्षेत्र पत्थलगांव, बगीचा और कांसाबेल में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, वन सुरक्षा समितियों, स्व-सहायता समूहों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर बड़ी संख्या में पौधे लगाए।
वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के शासकीय प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बगीचा के बालक आश्रम बिमड़ा तथा कांसाबेल के आंगनबाड़ी केन्द्र लमडांड एवं प्राथमिक स्कूल केन्दुटोला में आयोजित कार्यक्रमों में छायादार, फलदार और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रत्येक नागरिक को अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प दिलाना है।
इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवन चक्र का आधार हैं। जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय संकट और जैव विविधता संरक्षण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, मातृत्व के सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वृक्षों के पर्यावरणीय, सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही पौधों की नियमित देखभाल, जल संरक्षण और हरित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प भी लिया।
वन विभाग ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान जशपुर वनमण्डल के सभी वन परिक्षेत्रों में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत लगातार वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवा मंडलों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और नियमित देखभाल की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न रुकें, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल का दायित्व भी निभाएं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो यह अभियान हरित और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।