जशपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा में निभाई गजपति महाराजा की परंपरा, भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

जशपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गुरुवार को जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ परंपरागत गजपति महाराजा की भूमिका का निर्वहन करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सनातन परंपरा के अनुरूप छेरा पहरा की पावन रस्म निभाते हुए सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे मार्ग का प्रतीकात्मक मार्जन किया तथा चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके बाद उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर भव्य रथयात्रा का शुभारंभ किया। पूरे दोकड़ा क्षेत्र में ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष, शंखध्वनि, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा आस्था, लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी जनआस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा आयोजित की जा रही है। उन्होंने दोकड़ावासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का सौभाग्य मिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और भगवान श्री जगन्नाथ का संबंध सदियों पुराना और आत्मीय रहा है। उन्होंने बताया कि देवभोग का प्रसिद्ध चावल आज भी पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो दोनों राज्यों की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता का जीवंत प्रमाण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूरे किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें हितग्राहियों के खातों में जारी की जा चुकी हैं। वहीं रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु धार्मिक यात्राओं का लाभ उठा चुके हैं। राज्य सरकार प्रमुख धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेशभर में नागरिकों की शिकायतों का चौबीसों घंटे त्वरित निराकरण किया जा रहा है। साथ ही अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक शासकीय सेवाएं गांवों में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जशपुर जिले के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे जशपुर जिला जल्द ही रेल नेटवर्क से जुड़ेगा। इसके अलावा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा।

रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन, संकीर्तन और हरिनाम का मनमोहक प्रस्तुतीकरण किया। ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि की गूंज के बीच श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयघोष लगाते हुए रथयात्रा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा को आस्था, लोकसंस्कृति और सामाजिक समरसता के विराट उत्सव में बदल दिया।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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