नई दिल्ली। चक्रवात अर्णब के बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक और शक्तिशाली चक्रवात ‘मुरासू’ ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात दो नवंबर की सुबह तक भीषण चक्रवात में तब्दील हो सकता है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और उससे लगे उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार, मुरासू पहले गहरे अवदाब के रूप में विकसित हुआ और बाद में दक्षिण-पश्चिम एवं पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात में बदल गया।
दो नवंबर की सुबह इसके भीषण चक्रवात में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। चक्रवात के प्रभाव से हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की आशंका
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात मुरासू दो नवंबर की मध्यरात्रि 23:30 बजे से तीन नवंबर की सुबह 04:00 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।
चक्रवात के तट के करीब पहुंचने के साथ ही तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे लगे उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
आखिर क्यों रखा गया चक्रवात का नाम ‘मुरासू’?
चक्रवात मुरासू का नाम भारत की ओर से दिया गया है। यह तमिल भाषा का एक पारंपरिक शब्द है, जिसका अर्थ ‘ढोल’ होता है।
प्राचीन समय में मुरासू नामक ढोल का इस्तेमाल लोगों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाने और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति आगाह करने के लिए किया जाता था। इसी ऐतिहासिक महत्व के कारण इस चक्रवात को मुरासू नाम दिया गया है।
चक्रवात अर्णब के बाद फिर बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को चक्रवात अर्णब ने ओडालारेवु के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया था। अब कुछ ही दिनों के अंतराल में नए चक्रवात के सक्रिय होने से तटीय क्षेत्रों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मुरासू की दिशा, तीव्रता और तट पार करने के समय पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।