रायपुर, 02 जुलाई 2026। शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि बस्तर के समग्र विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विशेष रूप से अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया।
शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक स्तर पर गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषयों की मजबूत नींव तैयार करने के लिए कैलेंडरवार, शालावार और विषयवार समय-सारणी के अनुसार नियमित अध्ययन कराने तथा समय-समय पर रिवीजन टेस्ट आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा मजबूत होने से विद्यार्थियों का भविष्य सशक्त होगा और शैक्षणिक परिणामों में भी सुधार आएगा।
बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक श्री एच.आर. सोम सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान आधार बेस ऐप के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके ऐप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली गई। मंत्री ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा नेटवर्क विहीन विद्यालयों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
श्री यादव ने बसाहटवार प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना तथा बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने पोटा केबिनों में अंतरजिला विद्यार्थियों को प्रवेश देने के निर्देश देते हुए कहा कि शैक्षणिक अवसरों का विस्तार आवश्यक है। साथ ही वार्षिक परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर विषयवार यूनिट टेस्ट एवं तिमाही परीक्षाएं आयोजित करने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों, युक्तियुक्तकरण, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना एवं गैप एनालिसिस की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह एवं न्यौता भोजन, निर्माण कार्यों और शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
शिक्षा मंत्री ने स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने, जर्जर विद्यालय भवनों को नियमानुसार ध्वस्त कराने, विद्यालयों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों में उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग करने तथा पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवितरित पुस्तकों का संकुल एवं विद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने पर भी जोर दिया।
बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं उपहार वितरित किए। उन्होंने छात्राओं को मेहनत, लगन और नियमित अध्ययन के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।