रायपुर, 29 जून 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने बिजली बिल के विलंब भुगतान (लेट पेमेंट) पर लागू नई सरचार्ज व्यवस्था को लेकर फैली भ्रांतियों पर स्पष्टता देते हुए कहा है कि नई व्यवस्था उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में इसे “दोहरा झटका” या “रोजाना ब्याज” बताकर प्रसारित की जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
पावर कंपनी के अनुसार, पहले की व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद केवल एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल जमा करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। इससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता था।
राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू नई व्यवस्था के तहत अब विलंब अधिभार की गणना वास्तविक देरी के दिनों के आधार पर की जाएगी। नई दर के अनुसार उपभोक्ताओं से केवल 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से अधिभार लिया जाएगा।
पावर कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी उपभोक्ता से बिजली बिल जमा करने में केवल एक दिन की देरी होती है, तो अब उसे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा, बल्कि केवल 0.04 प्रतिशत का ही अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इसी प्रकार यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन तक भुगतान नहीं करता है, तब भी उस पर कुल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) का ही अधिभार लगेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से कम है।
पावर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरों में कमी की गई है, वृद्धि नहीं। इसलिए इसे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ या रोजाना ब्याज के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं है। कंपनी ने आम नागरिकों और समाचार माध्यमों से अपील की है कि वे सही एवं प्रमाणिक जानकारी साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले।