जशपुर: जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को टेबल टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त 2026 को मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसी कड़ी में जशपुर जिले में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
बैठक में जशपुर जिले से डिप्टी कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सहित जिला स्तरीय अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। इस दौरान जिले के लिए निर्धारित आपदा परिदृश्य “जिले में बाढ़ की स्थिति एवं अमोनिया युक्त टैंकर दुर्घटना” के अनुरूप की जाने वाली तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मयाली डैम में होगी मॉक एक्सरसाइज
जशपुर जिले में प्रस्तावित मॉक एक्सरसाइज का आयोजन मयाली डैम में किया जाएगा। अभ्यास के दौरान संभावित बाढ़ आपदा की स्थिति में राहत, बचाव, उपचार और अन्य आवश्यक कार्यवाहियों की तैयारियों को परखा जाएगा।
अमोनिया युक्त टैंकर दुर्घटना जैसे संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय की कार्यप्रणाली का भी अभ्यास किया जाएगा।
अधिकारियों को समय-सीमा में तैयारी पूरी करने के निर्देश
बैठक में आपदा की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था, बचाव एवं राहत दल, अस्पताल एवं चिकित्सा सुविधाएं, आवश्यक मानव संसाधन, एंबुलेंस, संचार व्यवस्था तथा अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की भूमिका और जिम्मेदारियों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई विभागों की रहेगी अहम भूमिका
मॉक एक्सरसाइज के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन, नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग सहित विभिन्न विभागों की भूमिका और आपसी समन्वय को परखा जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा मयाली डैम में होने वाली मॉक एक्सरसाइज को प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। अभ्यास के माध्यम से आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, राहत-बचाव कार्य और आपसी समन्वय की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।