केरसई निवासी महिला की उपचार के दौरान संबलपुर के बुर्ला चिकित्सालय में हुई थी मौत, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
जशपुर। कॉपर-टी लगाए जाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और उपचार के दौरान हुई मौत के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति उपचार से जुड़े सभी अभिलेखों का परीक्षण कर रही है और जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई दैनिक समाचार पत्र में 1 सितंबर को प्रकाशित “कॉपर-टी के बाद तबीयत बिगड़ने से महिला की मौत, शव रखकर प्रदर्शन” शीर्षक समाचार के संबंध में की गई है। मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला जशपुर ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।
सीएमएचओ के अनुसार केरसई निवासी महिला का प्रसव 29 जुलाई 2026 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केरसई में हुआ था। प्रसव के बाद 48 घंटे की निगरानी के उपरांत 31 जुलाई को नियमानुसार कॉपर-टी लगाया गया था।
स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर महिला की 7 अगस्त को अल्ट्रासोनोग्राफी कराई गई। इसके बाद उन्हें हॉलीक्रॉस कुनकुरी से उच्च उपचार के लिए जेएमजे अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया। वहां ऑपरेशन के पश्चात 11 अगस्त को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
बाद में महिला की जटिलता बढ़ने पर 22 अगस्त को उन्हें बुर्ला चिकित्सालय, संबलपुर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देशन में सीएमएचओ द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर 31 अगस्त को पोस्टमार्टम कराया गया है। साथ ही मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
जांच समिति द्वारा महिला के उपचार से संबंधित समस्त चिकित्सा अभिलेखों और परिस्थितियों का परीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।