जशपुरनगर, 06 नवंबर 2026/ जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी, सुगम और निर्धारित दर पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) व्यवस्था के तहत अब किसान क्यूआर कोड और टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का शुभारंभ जिले के पत्थलगांव, फरसाबहार एवं कांसाबेल विकासखंड में किया गया है, जहां किसानों के क्यूआर कोड जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि भूमि के रकबे और बोई गई फसल के अनुरूप आवश्यक मात्रा में ही उर्वरक उपलब्ध कराना है। इसके तहत खाद की बिक्री अब डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इससे उर्वरकों की मांग, उपलब्धता, निर्धारित दर पर बिक्री और वितरण का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड भी संधारित होगा। साथ ही खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और किसानों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
एफएफएस एप से ऐसे प्राप्त करें खाद
डिजिटल व्यवस्था के तहत किसानों को सबसे पहले एफएफएस एप में अपनी फार्मर आईडी दर्ज करनी होगी। इसके बाद कृषि भूमि और बोई गई फसल का विवरण एप में भरना होगा। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक एवं उसकी मात्रा का चयन कर संबंधित खाद विक्रेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद एप के माध्यम से क्यूआर कोड अथवा टोकन जनरेट होगा, जिसके आधार पर चयनित विक्रेता से खाद प्राप्त की जा सकेगी।
कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण पर लगेगा अंकुश
डिजिटल वितरण व्यवस्था लागू होने से खाद की कालाबाजारी, अनावश्यक भंडारण और अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी। किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता एवं पात्रता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ ही वितरण प्रक्रिया की निगरानी भी आसान होगी। कृषि विभाग द्वारा किसानों से एफएफएस एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर ही उर्वरक क्रय करने की अपील की गई है। किसानों को नई प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मैदानी स्तर पर प्रशिक्षण, किसान चौपाल और प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र किसान को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित दर पर समय से उपलब्ध हो सके।