जगदलपुर। बस्तर की पहचान और जगदलपुर की ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर अब जल्द ही अपने पुराने प्राकृतिक और आकर्षक स्वरूप में लौटेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और महापौर श्री संजय पाण्डे के सतत प्रयासों से दलपत सागर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत जगदलपुर नगर निगम और एनएमडीसी नगरनार इस्पात संयंत्र के बीच एमओयू संपन्न हुआ है।
एमओयू के तहत एनएमडीसी नगरनार द्वारा अपने सीएसआर मद से दलपत सागर के संरक्षण एवं सफाई कार्यों के लिए कुल 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से सरोवर में लंबे समय से फैली जलकुंभी को हटाने के साथ आवश्यक सफाई और संरक्षण कार्य किए जाएंगे। कार्य के प्रथम चरण के लिए 20 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
जलकुंभी से मिलेगी मुक्ति, लौटेगा प्राकृतिक स्वरूप
दलपत सागर में लंबे समय से बड़ी मात्रा में फैली जलकुंभी सरोवर की सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी चुनौती बनी हुई थी। इसके कारण जल की सतह का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा था और नागरिकों तथा पर्यावरण प्रेमियों द्वारा इसके समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
अब एनएमडीसी के सीएसआर सहयोग से नगर निगम द्वारा चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से सफाई अभियान चलाया जाएगा। जलकुंभी हटाने और आवश्यक संरक्षण कार्यों से सरोवर के प्राकृतिक स्वरूप को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
दलपत सागर केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि बस्तर की ऐतिहासिक विरासत और जगदलपुर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण से शहर के पर्यावरण, पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरोवर के स्वच्छ और सुंदर होने से जगदलपुर की प्राकृतिक आभा बढ़ेगी और ऐतिहासिक दलपत सागर को एक बार फिर आकर्षक स्वरूप देने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कलेक्टर, अपर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त तथा एनएमडीसी नगरनार की ओर से अधिशासी निदेशक श्री टीपी सिंह, मुख्य महाप्रबंधक एवं सहायक महाप्रबंधक उपस्थित रहे।