जशपुर, 14 जून 2026। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है, जिससे लाखों जरूरतमंद नागरिकों को नियमित रूप से राशन सामग्री उपलब्ध हो रही है।
विभाग का प्रमुख उद्देश्य किसानों से समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का का उपार्जन कर उन्हें उचित मूल्य उपलब्ध कराना तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के तहत जिले में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ई-पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा है।
जिले में वर्तमान में 497 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं, जहां आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से हितग्राहियों को राशन सामग्री वितरित की जाती है। राशन प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड के मुखिया अथवा ऐसे सदस्य का आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक होना आवश्यक है, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।
जिला खाद्य अधिकारी के अनुसार जशपुर जिले में बीपीएल श्रेणी के 2 लाख 51 हजार 358 हितग्राही तथा एपीएल श्रेणी के 16 हजार 780 हितग्राही पंजीकृत हैं। इस प्रकार जिले में कुल 2 लाख 68 हजार 108 राशनकार्डधारी हितग्राही सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राशन कार्ड की श्रेणी के अनुसार पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह 10 किलोग्राम से 35 किलोग्राम तक चावल उपलब्ध कराया जाता है। वहीं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अंत्योदय राशनकार्डधारियों को चावल के अतिरिक्त 2 किलोग्राम चना तथा 1 किलोग्राम शक्कर भी प्रदान की जाती है।
जिले में ई-पॉस आधारित वितरण व्यवस्था लागू होने से खाद्यान्न वितरण अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी हुआ है। इससे वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा है तथा खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिल रही है।