जशपुर, 24 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में जशपुर जिले में प्रभावी पहल की जा रही है। जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें खेती के लिए आवश्यक सामग्री आसानी से मिल रही है और कृषि लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।
जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद एवं बीज वितरण का कार्य लगातार जारी है। किसानों को निर्धारित दरों पर यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश सहित विभिन्न उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रति बोरी यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1350 रुपये, सुपर फॉस्फेट पाउडर 551 रुपये, सुपर फॉस्फेट दानेदार 591 रुपये, जिंकेटेड सुपर फॉस्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1300 रुपये, एनपीके 1850 से 1990 रुपये, पोटाश 1975 रुपये, नैनो यूरिया 500 एमएल 225 रुपये तथा नैनो डीएपी 600 रुपये की दर पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
सहकारी समितियों में उमड़ रही किसानों की भीड़
जशपुर के महाराजा चौक स्थित सहकारी समिति सहित जिले की विभिन्न समितियों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान खाद एवं बीज लेने पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि शासन की इस व्यवस्था से उन्हें आवश्यक कृषि सामग्री समय पर और उचित मूल्य पर मिल रही है, जिससे खुले बाजार पर उनकी निर्भरता कम हुई है।
खाद लेने पहुंचे किसान रहमान साह ने बताया कि उचित दर पर खाद उपलब्ध होने से खेती की लागत में कमी आई है और आर्थिक बोझ भी घटा है। उन्होंने कहा कि अब कृषि कार्यों के लिए पहले की तुलना में ऋण लेने या ब्याज पर पैसे जुटाने की आवश्यकता काफी कम हो गई है।
इसी प्रकार सारूडीह के किसान गिरधारी यादव ने बताया कि पहले खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे और अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी। अब सहकारी समितियों के माध्यम से सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उचित मूल्य में उपलब्ध हो रही है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
किसानों की सुविधा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि ऋण, तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इससे खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं तथा किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर मिल रहे हैं।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर विभागीय सहायता प्राप्त करें। शासन की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।