जशपुर, 18 मई 2026। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यूनिसेफ, एग्रीकोन एवं सर्वहितम के संयुक्त तत्वावधान में जशपुर जिले में बालिकाओं के लिए व्यक्तित्व विकास एवं जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सशक्त बनाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यशाला के दौरान बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल तथा सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए बालिकाओं को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
सत्र में “पढ़ाई का कोना” विषय पर विशेष चर्चा की गई। बालिकाओं को बताया गया कि अध्ययन के लिए शांत, व्यवस्थित एवं निश्चित स्थान का चयन उनकी एकाग्रता, अनुशासन और शैक्षणिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसके अलावा बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी बालिकाओं को जागरूक किया गया। उन्हें साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई तथा ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया गया। वहीं बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता बताते हुए उन्हें सजग और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बालिकाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिदिन शाखा के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाता है। इन गतिविधियों के जरिए बालिकाओं में आत्मनिर्भरता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करने का सतत प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
यह व्यक्तित्व विकास एवं जागरूकता सत्र बालिकाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी सिद्ध हुआ।