रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।
6,671 स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय
अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय की अनुमानित लागत 4.30 लाख रुपये होगी।
इसी तरह प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपये की लागत से प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे। प्रत्येक इकाई की लागत 6 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा 549 अतिरिक्त मुक्तिधामों का निर्माण 18.22 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा।
10 हजार से अधिक बंद बोरवेल होंगे रिचार्ज
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के 10,027 बंद या डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपये की लागत से सैंड फिल्टर और रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे भू-जल स्तर बढ़ाने, वर्षा जल संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर जल्द शुरू कराया जाए।
6,855 करोड़ रुपये से मिलेगा ग्रामीण विकास को बल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी मिशन पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुआ है। योजना के तहत सभी विकास कार्य ग्राम सभा की स्वीकृति से किए जाएंगे तथा मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी मिशन के माध्यम से राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। भारत सरकार से पहली किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी स्वीकृत हो चुकी है।
318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं, जिनमें—
107 जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य
90 ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य
86 आजीविका संवर्धन कार्य
35 जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन कार्य
शामिल हैं।
इन कार्यों के तहत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, ग्रामीण सड़कें, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, पुस्तकालय, किचन शेड, मुक्तिधाम, पशु चिकित्सालय, डेयरी, मत्स्य पालन और ग्रामीण हाट-बाजार जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
किसानों और श्रमिकों दोनों का रखा गया ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों और श्रमिकों दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबी-जी राम जी मिशन के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्य ने 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि परिसंपत्तियों की 99 प्रतिशत जियो टैगिंग के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी रहा है।
पारदर्शी और समयबद्ध होगा क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर और विकसित गांवों का निर्माण करना है। सभी कार्य ग्राम सभा की स्वीकृति से किए जाएंगे तथा डिजिटल मॉनिटरिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, सामाजिक अंकेक्षण और समय पर मजदूरी भुगतान के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।