रायपुर: प्रो. बी.एल. सोनेकर ने बताया—बजट 2026-27 में समावेशी विकास से सुशासन तक स्पष्ट रोडमैप

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत छत्तीसगढ़ का बजट राज्य के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में सामने आया है। प्रो. बी. एल. सोनेकर, अर्थशास्त्र अध्ययन शाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के अनुसार यह बजट केवल आय-व्यय का ब्योरा नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के स्पष्ट विज़न को दर्शाता है।

प्रो. सोनेकर ने कहा कि बजट में समावेशी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। बस्तर और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए परिवहन सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने के उद्देश्य से नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

अधोसंरचना के क्षेत्र में तेज़ रफ्तार सड़क योजनाओं के माध्यम से आर्थिक केंद्रों को जोड़ने की पहल की गई है। यात्री उड़ानों की पुनः शुरुआत से एयर कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में कमी आएगी, जिससे व्यापार और निवेश को भी गति मिलेगी।

निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। राज्य में क्रिटिकल मिनरल की खोज पर जोर दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में औद्योगिक विकास के नए अवसर खुलेंगे और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। पांच महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। उच्च शिक्षा के लिए 731 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य की मानव संसाधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए सुरगुड़ी स्टूडियो की स्थापना की पहल की गई है। वहीं, नया रायपुर में प्रवासी मजदूरों के लिए आवासीय परिसर बनाने का प्रस्ताव श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कृषि, पशुपालन, ग्रामोद्योग और वनोपज आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर है, जिससे पलायन में कमी और गांवों में रोजगार सृजन संभव हो सके।

सुशासन की दिशा में ई-फाइल प्रणाली और बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू की गई है। योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए अटल मॉनिटरिंग पोर्टल की स्थापना की गई है।

बजट 2026-27 में कुल प्राप्तियां 1,72,000 करोड़ रुपये तथा कुल विनियोग 1,87,500 करोड़ रुपये निर्धारित है। सकल वित्तीय घाटा 28,900 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष के अनुमान की तुलना में कम है, जो वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

प्रो. सोनेकर के अनुसार, यह बजट संतुलित विकास, आर्थिक मजबूती और प्रभावी शासन व्यवस्था की दिशा में एक ठोस पहल है।

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