जशपुरनगर, 24 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक लेकर जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, सीखने की क्षमता बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित नवाचारों एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जश लर्न, जश क्वेस्ट, स्मार्ट क्लासेस, संपर्क स्मार्ट शाला, संपर्क क्लासेस, अंतरिक्ष संगवारी के अंतर्गत एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग, नन्हे सितारे और विद्याधन छात्रवृत्ति सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में आयोजित सरगुजा ओलंपिक को खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए इसके बेहतर एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी तथा विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।
स्मार्ट क्लास में छात्रों को भी किया जाए प्रशिक्षित
कलेक्टर श्री व्यास ने स्कूलों में संचालित स्मार्ट क्लासेस के तहत डैशबोर्ड के बेहतर संचालन के लिए विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में एक विद्यार्थी को आईटी मॉनिटर के रूप में पूर्ण रूप से प्रशिक्षित करें, ताकि वह आवश्यकता पड़ने पर अन्य विद्यार्थियों को भी तकनीकी जानकारी दे सके। उन्होंने स्मार्ट क्लास के सुचारू संचालन के लिए स्कूलों में आवश्यक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जश लर्न के दूसरे चरण और जश क्वेस्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
कलेक्टर ने जश लर्न कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि विद्यालय समय के पश्चात शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन के माध्यम से संपर्क कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर के अनुरूप जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी आधारभूत गणितीय संक्रियाओं का उपचारात्मक शिक्षण किया जा रहा है। प्रथम चरण के सफल संचालन के बाद उन्होंने दूसरे चरण के कार्यक्रम को भी प्रभावी एवं उत्कृष्ट तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इसी तरह कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को गणित एवं विज्ञान विषयों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से शुरू होने वाली जश क्वेस्ट की जानकारी ली और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान के विषयों को प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से अधिक बेहतर ढंग से समझते हैं। व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक सोच विकसित होने से विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक और रिसर्चर के रूप में आगे बढ़ सकते हैं तथा नई खोजों में योगदान दे सकते हैं।
एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो जाएंगे 50 प्रतिभावान विद्यार्थी
बैठक में कलेक्टर ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के अंतर्गत 27 अगस्त से शुरू होने वाले एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो भेजे जाने वाले 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों के चयन की तैयारियों की भी जानकारी ली। एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए विद्यार्थियों का चयन विभिन्न चरणों में आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
नन्हे सितारे से विद्यार्थियों में विकसित होंगे जीवन कौशल
कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों में भाषा कौशल, आत्मविश्वास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन जशपुर एवं ओपन लिंक्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘नन्हे सितारे’ जीवन कौशल आधारित कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा इसकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विनोबा एप में रचनात्मक शैक्षणिक गतिविधियों की एंट्री समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित है।
विद्याधन छात्रवृत्ति से प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
कलेक्टर ने विद्याधन छात्रवृत्ति के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। योजना के तहत कक्षा 11वीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों तथा उनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं एवं 12 वीं में 10-10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होगी। कलेक्टर ने पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी इस अवसर से वंचित न रहे।
संपर्क स्मार्ट शाला से प्राथमिक कक्षाओं में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा
कलेक्टर ने जिले में संचालित संपर्क स्मार्ट शाला कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में गणित एवं अंग्रेजी की बुनियादी समझ को मजबूत करने के लिए रोचक तरीके से सिखाया जाता है। वर्तमान में यह कार्यक्रम जिले के 5 विकासखंडों के 71 प्राथमिक विद्यालयों में संचालित है। योजना के तहत 160 नए विद्यालयों को भी जोड़ने की तैयारी है। कार्यक्रम में संपर्क स्मार्ट टीवी एवं डिजिटल उपकरणों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाता है। साथ ही शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, सही क्रम एवं सही ढंग से अध्यापन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है तथा विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम की नियमित निगरानी की जाती है। बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा, समस्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।