रायपुर, 12 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए कुल 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए लगभग 10,162 करोड़ 53 लाख रुपये तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान रखा गया है।
सदन में चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाएं लाभान्वित
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
मातृ एवं बाल स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये और पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
किशोरियों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए किशोरी बालिका योजना में 40 करोड़ रुपये तथा छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए शुचिता योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बेटियों के लिए शुरू होगी रानी दुर्गावती योजना
मंत्री ने बताया कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार रानी दुर्गावती योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा पोषण अभियान के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
समाज कल्याण विभाग का बजट 59 प्रतिशत बढ़ा
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए समाज कल्याण विभाग को 1600 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में करीब 59 प्रतिशत अधिक है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन दी जा रही है, जिसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बुजुर्गों के लिए “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर
वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा वृद्धाश्रम संचालन के लिए 6 करोड़, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है, और इसी लक्ष्य के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
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