जशपुर, 23 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी पहल ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जशपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में अभियान की रूपरेखा और शासन के दिशा-निर्देशों से अधिकारियों को अवगत कराते हुए इसे जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित करना है। इसके तहत सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और बुनियादी नागरिक सेवाओं सहित 31 प्रमुख योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा।
कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर तक पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में बताया गया कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान बस्तर में सफल रहे ‘नियद नेल्लानार’ मॉडल पर आधारित होगा। अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, श्रम कार्ड, महतारी वंदन योजना, जल जीवन मिशन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान का क्रियान्वयन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में ग्रामवार सर्वेक्षण और डेटा मानचित्रण कर पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी। दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर और विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। वहीं तीसरे चरण में योजनाओं की सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के शत-प्रतिशत पंजीयन पर विशेष जोर देते हुए संबंधित विभागों को श्रमिकों की जानकारी श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष शिविरों के माध्यम से श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
डिजिटल प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने सभी कार्यालयों में आईजीओटी, ई-एचआरएमएस और ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्य दक्षता में वृद्धि होगी।
बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के सर्वेक्षण कार्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सर्वेक्षण को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश देते हुए सेवा सेतु, ज्ञान भारतम् और प्रगति पोर्टल के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।