रायपुर, 23 जून 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ देश की लड़ाई केवल सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और जनविश्वास की विजय की कहानी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने दिखाई दे रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का माहौल था, वहां अब विकास, अवसर और नई संभावनाओं का दौर शुरू हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग लगातार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। सड़क निर्माण, संचार सुविधाओं के विस्तार और अन्य विकास कार्यों को हिंसक विरोध का सामना करना पड़ता था। निर्माण सामग्री जलाने, ठेकेदारों को धमकाने और विकास कार्यों को रोकने जैसी घटनाएं आम थीं। इसके बावजूद सरकार ने इन क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाईं।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। यह बदलाव केवल आधारभूत संरचना के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास, सुरक्षा और नए अवसरों का विस्तार भी है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली से नहीं जीती गई, बल्कि जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रयासों से भी सफलता मिली। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करने का निरंतर प्रयास किया गया। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का भरोसा लोकतंत्र और विकास प्रक्रिया में बढ़ा है।
बस्तर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अब यहां के युवा हिंसा नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल और विकास का मार्ग चुन रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्ति की ओर पहुंच चुका है। आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।