रायपुर, 30 मई 2026। छत्तीसगढ़ में सुशासन को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार नवाचार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में किए गए व्यापक सुधार अब आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। स्मार्ट पंजीयन मॉडल के जरिए प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जनहितैषी बनाया जा रहा है।
कभी लंबी कतारों, दस्तावेजों की जांच में देरी और कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की मजबूरी से जूझने वाले नागरिक अब तेज और सुविधाजनक पंजीयन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। पहले जहां एक सामान्य रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने में कई घंटे से लेकर एक-दो दिन तक का समय लग जाता था, वहीं अब आधुनिक डिजिटल तकनीकों और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली की बदौलत यही प्रक्रिया मात्र 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है।
राज्य सरकार ने आगामी एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले चरण में रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर और तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
इन स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में नागरिकों को वातानुकूलित वेटिंग लाउंज, निःशुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क तथा प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पंजीयन कार्यालयों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है और वे अब आधुनिक सेवा केंद्रों की तरह दिखाई देने लगे हैं।
डिजिटल तकनीकों के समावेश ने पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया है। टोकन सिस्टम लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था में कमी आई है, जबकि बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से आम नागरिकों का अतिरिक्त खर्च भी बच रहा है। अब व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, कैशलेस भुगतान, खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन संपत्ति जानकारी तथा डिजीलॉकर जैसी सुविधाओं ने सेवाओं को और अधिक सरल एवं सुलभ बना दिया है।
रायगढ़ के लाभार्थी आशीष अग्रवाल बताते हैं कि पहले पंजीयन कार्यालय का माहौल असुविधाजनक और अव्यवस्थित लगता था, लेकिन अब बैठने की बेहतर व्यवस्था, वातानुकूलित वातावरण और अन्य आधुनिक सुविधाओं के कारण लोगों को काफी राहत मिल रही है। उन्होंने इस बदलाव के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल कार्यालयों के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक सोच और कार्यप्रणाली में आए सकारात्मक परिवर्तन का भी प्रतीक है। स्मार्ट पंजीयन मॉडल के माध्यम से शासन की जवाबदेही बढ़ी है, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह मॉडल “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की अवधारणा को व्यवहारिक रूप में साकार कर रहा है। छत्तीसगढ़ आज पारंपरिक और जटिल प्रक्रियाओं को पीछे छोड़कर डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट पंजीयन मॉडल न केवल प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है।
— सुनील त्रिपाठी
सहायक संचालक, जनसंपर्क विभाग