जशपुरनगर, 25 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आ रही है। इसी कड़ी में पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम घरजियाबथान निवासी योगेश यादव की शिकायत पर उनकी 65 प्रतिशत दिव्यांग पुत्री चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिव्यांग पेंशन का लाभ स्वीकृत किया गया है।
जानकारी के अनुसार योगेश यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कर बताया था कि उनकी पुत्री को पात्र होने के बावजूद दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। शिकायत प्राप्त होने के बाद जनपद पंचायत पत्थलगांव एवं संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई की। पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर जांच की गई, जिसमें चांदनी यादव योजना के लिए पात्र पाई गईं।
पात्रता की पुष्टि के बाद उनकी दिव्यांग पेंशन स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अब उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत नियमित रूप से पेंशन का लाभ मिलेगा। निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायत का निराकरण कर प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
योगेश यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए बेहद उपयोगी और भरोसेमंद साबित हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
24 घंटे सक्रिय है मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेशवासी शिकायत दर्ज कराने, सुझाव देने और शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं पर फीडबैक देने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक आसानी से अपनी बात शासन तक पहुंचा सकते हैं।
प्रदेश के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिससे शिकायतकर्ता उसकी स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकता है।
यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता, तो प्रकरण स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण और जांच के लिए भेज दिया जाता है। हेल्पलाइन 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है तथा मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।