जशपुर, 25 जून 2026। सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता के क्षेत्र में जशपुर पुलिस ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में जिले के सभी 766 गांवों में जन चौपाल आयोजित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। हेलमेट पहनने के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए गए इस विशेष अभियान को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान की गई।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की।
जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों और सवारों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा नशे में वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित करना है।
अभियान की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 को जशपुर से हेलमेट जागरूकता रैली के साथ हुई थी। इसके बाद जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में भी रैलियां निकाली गईं, जिनमें 10 हजार से अधिक नागरिकों ने भागीदारी निभाई। इसके अलावा मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के 3 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने वीडियो संदेशों के माध्यम से हेलमेट पहनने की अपील की।
जशपुर पुलिस ने अपने “पुलिस मितान” नेटवर्क और बीट प्रणाली को मजबूत करते हुए प्रत्येक गांव में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। जिले में लगभग 5 हजार पुलिस मितान भी इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। अभियान के दौरान 60 हजार से अधिक नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
24 जून 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्राम सभाओं में भी हेलमेट की अनिवार्यता पर प्रस्ताव पारित कर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और 5 हजार पुलिस मितानों को दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।