छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून, OTS योजना समेत 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी

रायपुर, 08 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उद्योग, बिजली, पुलिस, उच्च शिक्षा, कर व्यवस्था, पर्यावरण, किरायेदारी और नवा रायपुर विकास सहित कई क्षेत्रों में अहम निर्णय लिए।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

बिजली आपूर्ति: केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी। इससे बिजली आपूर्ति निर्बाध रहेगी और भुगतान व्यवस्था आरबीआई के नियमों के अनुरूप होगी।

बस्तर फाइटर्स: छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) की भर्ती एवं सेवा शर्तों से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई।

निजी विश्वविद्यालय: निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन अधिनियम में संशोधन कर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए नए प्रावधान जोड़े जाएंगे।

वैट अधिकरण समाप्त: जीएसटी लागू होने के बाद कम हुए मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त किया जाएगा। लंबित अपीलें अब राजस्व मंडल को हस्तांतरित होंगी।

जीएसटी कानून में संशोधन: कर प्रक्रिया को सरल बनाने और निर्यातकों सहित उद्योगों के लिए रिफंड प्रणाली को अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

औद्योगिक निवेश: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम में संशोधन कर निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाएगी।

देश का पहला ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून: कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन और जोखिम आधारित निरीक्षण जैसे प्रावधान शामिल हैं। यह कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।

नवा रायपुर OTS योजना: एनआरडीए के भूखंड और परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई।

पर्यावरण कानून: जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाया जाएगा।

भाड़ा नियंत्रण कानून: खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देने और किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान के लिए भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई।

राजनांदगांव में आधुनिक ऑडिटोरियम: 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।


इन निर्णयों से राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास, व्यापार सुगमता, उच्च शिक्षा, बिजली व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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