रायपुर, 08 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के समय निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपनी पात्रता के अनुसार ई-कोष (e-Kosh) के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर त्वरित अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी होगी। ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृति एवं राशि का वितरण शीघ्र किया जाएगा। इस योजना से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा के बाद यह एक और महत्वपूर्ण कर्मचारी हितैषी पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि योजना के पायलट चरण के दो माह में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण की सुविधा देने की भी योजना है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।