जशपुरनगर, 21 अगस्त 2026। जशपुर जिले में पर्यटन विकास को नई दिशा देने के लिए जिला प्रशासन की पहल अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल तथा कलेक्टर श्री रोहित व्यास और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी प्रयासों के फलस्वरूप जिले में पर्यटन को नया आयाम मिल रहा है।
प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास शुरू की गई होमस्टे विकास योजना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध जशपुर में अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण ही नहीं कर रहे, बल्कि गांवों में ठहरकर स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव भी ले रहे हैं।
इस पहल से ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। साथ ही महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने जैसी संभावनाओं को भी मजबूती मिल रही है।
देशदेखा के समीप केरे गांव बना ग्रामीण पर्यटन का नया केंद्र
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरे गांव में ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत विकसित होमस्टे अब विशेष पहचान बना रहे हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को स्थानीय जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और ग्रामीण आतिथ्य का अनुभव कराने की व्यवस्था की गई है।
केरे गांव में विकसित होमस्टे की विशेषता यह है कि यहां पर्यटक केवल ठहरने की सुविधा ही प्राप्त नहीं करते, बल्कि स्थानीय परिवेश का हिस्सा बनकर ग्रामीण जीवन को नजदीक से महसूस कर सकते हैं।
देशदेखा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और केरे गांव की स्थानीय संस्कृति का संयोजन इस क्षेत्र को ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित कर रहा है।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने किया अवलोकन, पारंपरिक व्यंजनों का लिया स्वाद
केरे गांव में विकसित ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे मॉडल को विशिष्ट अतिथियों से भी सराहना मिली है।
4 फरवरी 2026 को अंतरिक्ष यात्री एवं अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने केरे गांव में विकसित होमस्टे का अवलोकन किया।
इस दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखा। साथ ही स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और ग्रामीण आतिथ्य परंपरा का अनुभव लिया।
ग्रामीण पर्यटन की इस पहल के माध्यम से स्थानीय महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सामने आ रही है। पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय आतिथ्य को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने से महिलाओं के लिए आय और आर्थिक भागीदारी के अवसर बढ़ने की संभावना है।
राज्यपाल रमेन डेका ने भी की होमस्टे मॉडल की सराहना
केरे गांव के ग्रामीण पर्यटन मॉडल का अवलोकन 4 अप्रैल 2026 को राज्यपाल श्री रमेन डेका ने भी किया।
राज्यपाल ने होमस्टे की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के साथ देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया। उन्होंने स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और आतिथ्य परंपरा का अनुभव किया।
देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों और राज्य के संवैधानिक प्रमुख द्वारा इस ग्रामीण पर्यटन पहल का अवलोकन जशपुर के होमस्टे मॉडल को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Homestays of India के साथ मिलकर ग्रामीण और सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा
जशपुर जिले में ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन के विकास के लिए Homestays of India टीम द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
25 जनवरी 2026 को Homestays of India, छत्तीसगढ़ सरकार और जशपुर जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल की गई है।
इस पहल का उद्देश्य पर्यटन को केवल होटल और पारंपरिक पर्यटन स्थलों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय समुदायों की सीधी भागीदारी से विकसित करना है। सामुदायिक पर्यटन मॉडल में स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उनके लिए आय और रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल से जशपुर के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
जशपुर में बढ़ रहा होमस्टे नेटवर्क
जिले में वर्तमान में केरे, छिछली र, दनगरी, मयाली और घोघरा (बलाझार) जैसे स्थानों में होमस्टे सूचीबद्ध हैं।
प्राकृतिक परिवेश से घिरे इन क्षेत्रों में पर्यटक होटल के पारंपरिक अनुभव से अलग ग्रामीण जीवन के बीच ठहरने का विकल्प चुन रहे हैं। स्थानीय परिवारों द्वारा संचालित होमस्टे पर्यटकों को क्षेत्र की संस्कृति और जीवनशैली से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
जिले में विकसित प्रमुख होमस्टे इस प्रकार हैं—
मयाली में बनफूल होमस्टे
मयाली में बनफूल होमस्टे श्री नेलसन मिंज द्वारा संचालित किया जा रहा है।
मोबाइल नंबर: 6261364164
केरे-देशदेखा में महुआ, अमराई और बीजा होमस्टे
केरे-देशदेखा क्षेत्र में महुआ होमस्टे श्री विश्वनाथ राम तथा अमराई होमस्टे श्री शिवचरण राम द्वारा विकसित किए गए हैं।
इसी क्षेत्र में बीजा होमस्टे श्रीमती सुखमनी बाई द्वारा संचालित है।
मोबाइल नंबर: 9302184255
खुड़ियारानी क्षेत्र में गेंदा फूल होमस्टे
खुड़ियारानी क्षेत्र में गेंदा फूल होमस्टे श्री देवनारायण यादव द्वारा विकसित किया गया है।
मोबाइल नंबर: 7974408577
दनगरी में पलाश होमस्टे
दनगरी में पलाश होमस्टे श्री मतरू राम द्वारा संचालित किया जा रहा है।
मोबाइल नंबर: 9009192294
घोघरा (बालाझार) में कुमुद होमस्टे
घोघरा (बालाझार) क्षेत्र में कुमुद होमस्टे श्री मनोज कुमार पैंकरा द्वारा विकसित किया गया है।
मोबाइल नंबर: 8889969617
सिर्फ ठहरना नहीं, ग्रामीण जीवन का वास्तविक अनुभव भी
जशपुर के इन होमस्टे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्यटकों के लिए केवल आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पर्यटकों को ग्रामीण और प्राकृतिक परिवेश से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है।
होमस्टे में आने वाले पर्यटक अपनी रुचि के अनुसार—
- ट्रेकिंग,
- नेचर वॉक,
- बर्ड वॉचिंग,
- कैंपिंग,
- रॉक क्लाइंबिंग,
- ग्राम भ्रमण,
- कृषि कार्यों का अनुभव,
- पारंपरिक भोजन का स्वाद और
- जनजातीय संस्कृति से परिचय
जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
प्रकृति और रोमांच से जुड़ी गतिविधियों के साथ ग्रामीण जीवन और स्थानीय संस्कृति का अनुभव जशपुर के होमस्टे मॉडल को सामान्य पर्यटन से अलग बनाता है।
बड़े होटलों के बजाय स्थानीय संस्कृति को चुन रहे पर्यटक
होमस्टे के विकास के बाद जशपुर आने वाले पर्यटकों की पसंद में भी बदलाव दिखाई दे रहा है। देश और विदेश से आने वाले कई पर्यटक अब बड़े होटलों में ठहरने के बजाय स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अनुभव करने के लिए होमस्टे का रुख कर रहे हैं।
पर्यटक स्थानीय परिवारों के बीच रहकर उनके खान-पान, रीति-रिवाज और दैनिक जीवन को करीब से समझ रहे हैं। इससे पर्यटन का अनुभव अधिक व्यक्तिगत और यादगार बन रहा है।
विशेष रूप से उन पर्यटकों के लिए जशपुर का होमस्टे मॉडल आकर्षक बन रहा है जो प्राकृतिक पर्यटन के साथ स्थानीय संस्कृति और समुदायों से सीधे जुड़ना चाहते हैं।
महिलाओं को मिल रही नई पहचान और आर्थिक अवसर
ग्रामीण पर्यटन के विकास का एक महत्वपूर्ण पक्ष महिला सशक्तिकरण भी है। देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से भोजन तैयार कर पर्यटकों को स्थानीय व्यंजनों का अनुभव कराया जा रहा है।
पर्यटन से स्थानीय खान-पान, पारंपरिक उत्पाद और आतिथ्य को जोड़ने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
महिलाओं द्वारा संचालित समूहों और स्थानीय परिवारों की भागीदारी से ग्रामीण पर्यटन को सामुदायिक स्वरूप मिल रहा है। इससे पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता तैयार हो रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
होमस्टे विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है। पर्यटकों के आगमन से स्थानीय स्तर पर भोजन, आवास, परिवहन, पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है।
ग्रामीण परिवारों के लिए यह आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन सकता है। स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों, गाइडिंग और साहसिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।
वहीं स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक भोजन को पर्यटकों तक पहुंचाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।
पलायन रोकने और गांवों में रोजगार बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन लंबे समय से एक चुनौती रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर विकसित होने से इस चुनौती को कम करने में मदद मिल सकती है।
जशपुर में होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है। पर्यटन से गांवों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ने पर युवाओं और स्थानीय परिवारों के लिए अपने ही क्षेत्र में आर्थिक अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
होमस्टे मॉडल स्थानीय संसाधनों, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को रोजगार से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
जशपुर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को मिल रही नई उड़ान
घने जंगल, पहाड़ियां, जलप्रपात, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति जशपुर की विशेष पहचान हैं। अब इन प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी के साथ पर्यटन से जोड़ा जा रहा है।
जिला प्रशासन की पहल से विकसित हो रहा होमस्टे मॉडल पर्यटन के साथ स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी जोड़ रहा है।
केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल और जिले के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे का विस्तार इस बात का संकेत है कि जशपुर पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है।
ग्रामीण पर्यटन से आत्मनिर्भरता की नई राह
जशपुर जिले में होमस्टे विकास की यह पहल केवल पर्यटकों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। यह स्थानीय समुदायों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।
एक ओर पर्यटकों को जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, पारंपरिक भोजन और जनजातीय संस्कृति का वास्तविक अनुभव मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की पहल, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के साथ जशपुर का होमस्टे मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नई उम्मीद बनकर उभर रहा है।
प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का यह संगम आने वाले समय में जशपुर को देश के प्रमुख ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन स्थलों में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।