वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री ने रखा नए छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का रोडमैप, वैश्विक निवेशकों को दिया निवेश का आमंत्रण

रायपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों की पहचान वाला राज्य नहीं रहना चाहता, बल्कि युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण के दम पर नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के सामने छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास, निवेश की संभावनाओं और भविष्य के रोडमैप को प्रस्तुत करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेश को सीधे रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। सरकार की सोच है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले ‘जॉब सीकर’ न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने वाले ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधन, पर्याप्त ऊर्जा, युवा मानव संसाधन, बेहतर होती कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों का मजबूत आधार मौजूद है।


वर्ल्ड लीडर्स फोरम में दुनिया की प्रमुख हस्तियों के बीच छत्तीसगढ़ का विजन

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

इस वैश्विक मंच से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य अब संसाधन आधारित विकास के साथ-साथ तकनीक, ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है।


6.31 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत रही विकास दर

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

इस अवधि में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही, जबकि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़ों में वृद्धि करना नहीं, बल्कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इसी कारण आर्थिक विकास और जनकल्याण को समान प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।


नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ सरकार निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार करने को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के माध्यम से निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है।

पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। इन सुधारों का असर निवेश प्रस्तावों के रूप में सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

राज्य में अब स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में भी निवेश की नई संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • सेमीकंडक्टर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • डेटा सेंटर
  • फार्मास्यूटिकल्स
  • टेक्सटाइल
  • लॉजिस्टिक्स
  • ग्रीन एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग

जैसे क्षेत्र शामिल हैं।


2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य, युवा बनेंगे ‘जॉब क्रिएटर’

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में प्रदेश के युवा हैं। सरकार का प्रयास है कि युवा नौकरी पाने की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को रोजगार दें।

प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

नए उद्यमियों को उनके अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ युवाओं को तकनीक, कौशल, नवाचार और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने से नए व्यवसाय खड़े होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार होंगे।


6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा एआई प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है।

इसके साथ ही नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई का उपयोग केवल तकनीकी बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, युवाओं को भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।


500 करोड़ का एआई मिशन, नवा रायपुर में बनेगा एआई डेटा सेंटर पार्क

छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है।

इसके तहत—

  • 100 एआई डेटा लैब स्थापित की जाएंगी
  • 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे
  • 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को सहयोग देने का लक्ष्य है

मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के उभरते डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के साथ युवाओं के लिए नई पीढ़ी के रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी तैयार करेगी।


बस्तर में शांति के साथ विकास, निवेश और रोजगार के नए द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ने बदलते बस्तर को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा की स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद बस्तर में अब विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है।

इसके अलावा बस्तर में 421 बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।


3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बनेगी विकास की नई लाइफलाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस रेल परियोजना से बस्तर की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी।

बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से पर्यटन, व्यापार, उद्योग और स्थानीय रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।


पर्यटन को उद्योग का दर्जा, बस्तर की संस्कृति बनेगी रोजगार का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।

चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


कच्चे माल के बजाय स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन नई आर्थिक नीति का उद्देश्य केवल कच्चे माल का उत्पादन और निर्यात करना नहीं है।

सरकार चाहती है कि प्रदेश में उपलब्ध खनिज, लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन किया जाए।

इससे तैयार उत्पादों का अधिकतम आर्थिक लाभ स्थानीय लोगों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल सकेगा।


इलेक्ट्रॉनिक्स से स्पेस मैन्युफैक्चरिंग तक, नई औद्योगिक पहचान की तैयारी

राज्य सरकार आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक अधोसंरचना विकसित कर रही है।

नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना तैयार की जा रही है।

राजनांदगांव में प्रस्तावित—

  • स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
  • 142 एकड़ का फार्मा पार्क
  • टेक्सटाइल पार्क
  • रेडीमेड गारमेंट पार्क

प्रदेश के भविष्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोरबा में लिथियम की खोज से बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में भी नई संभावनाएं सामने आई हैं।


ग्रीन एनर्जी बनेगी नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन

छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल है। अब राज्य पारंपरिक ऊर्जा के साथ-साथ तेजी से ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आने वाले वर्षों में प्रदेश में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

वर्तमान में प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। वहीं भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी का विस्तार केवल ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे नए निवेश और ग्रीन जॉब्स के अवसर भी तैयार होंगे।


ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 से निवेश प्रक्रिया होगी और आसान

उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कम जोखिम वाले उद्योगों के प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।

इसके अंतर्गत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के करीब 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है।

सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाओं को कम करना है, ताकि वे अपना समय उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन पर केंद्रित कर सकें।


संसाधन से नवाचार तक, यही है नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल

वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ युवा मानव संसाधन, तकनीक, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों का मजबूत संयोजन मौजूद है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का अगला चरण संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने का है।

मुख्यमंत्री के अनुसार निवेश इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका अंतिम उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और नागरिकों को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

मुख्यमंत्री के संदेश का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की विकास रणनीति का केंद्र केवल उद्योगों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा आर्थिक तंत्र विकसित करना है, जिसमें युवा नवाचार करें, उद्यम स्थापित करें और खुद के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।

इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ अब ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ की नई विकास यात्रा की ओर आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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