जशपुरनगर, 20 अप्रैल 2026। ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती भीषण गर्मी और तापमान को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा लू (तापघात) से बचाव और तैयारी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की है।
जारी निर्देशों के अनुसार लू के दौरान सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना, भूख कम लगना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी लगाना, शरीर पर पानी छिड़कना और तरल पदार्थ पिलाने के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी लू का मुख्य कारण बनती है। इससे बचाव के लिए अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, सिर और कान को ढककर रखने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने तथा ओआरएस का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचने को कहा गया है।
सरकार ने नागरिकों से घरों को ठंडा रखने, पर्दे और पंखों का उपयोग करने तथा अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है। पशुओं के लिए भी छाया और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मजदूरों और कामगारों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करते हुए नियोक्ताओं को कार्यस्थलों पर ठंडा पानी, छाया और विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा कार्य समय में बदलाव करने को कहा गया है। वहीं पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ठंडे जैकेट, पानी, सनग्लास और सनस्क्रीन के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ नागरिकों को घर में रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने और किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर लू की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी।
इसके अलावा जिला स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, प्याऊ केंद्र स्थापित करने, अस्पतालों में बिजली और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा नगरीय निकायों को बेघर एवं जोखिमग्रस्त लोगों के लिए अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को सभी केंद्रों में ओआरएस और आवश्यक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने, 108 और 104 सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं श्रम, परिवहन, शिक्षा, वन, पर्यटन और अग्निशमन विभागों को भी अपने-अपने स्तर पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।
समग्र रूप से सरकार ने नागरिकों, मजदूरों, वरिष्ठजनों और पशुओं को लू से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए सभी विभागों को सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
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