जशपुर: संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने कलेक्टोरेट का औचक निरीक्षण किया, ई-ऑफिस और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा

जशपुर: सरगुजा संभाग के आयुक्त नरेंद्र दुग्गा ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट कार्यालय जशपुर का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं की प्रशासनिक कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन, राजस्व एवं राहत प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण तथा आम नागरिकों को डिजिटल सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, अपर कलेक्टर प्रदीप साहू, उप आयुक्त शारदा अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

ई-ऑफिस से ही संचालित हों सभी शासकीय फाइलें

निरीक्षण की शुरुआत आयुक्त ने कलेक्टोरेट की अधीक्षक शाखा से की, जहां उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित होने वाली फाइलों की प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी लेने के बाद उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी शासकीय फाइलों का संचालन एवं मूवमेंट केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बढ़ेगी, फाइलों के अनावश्यक विलंब पर रोक लगेगी तथा प्रत्येक स्तर पर कार्यों की प्रभावी निगरानी संभव होगी।

राहत प्रकरणों में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

इसके बाद आयुक्त ने अपर कलेक्टर न्यायालय कक्ष का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के अंतर्गत आपदा राहत से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की तथा लंबित नस्तियों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान फाइलों के धीमे मूवमेंट और प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित रीडर पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिल सके।

राजस्व मामलों का समय-सीमा में हो निराकरण

आयुक्त नरेंद्र दुग्गा ने विभिन्न राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाए और अनावश्यक विलंब पूरी तरह समाप्त किया जाए। उनके अनुसार आम नागरिकों से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।

सेवा सेतु केंद्र में डिजिटल सेवाओं की जांच

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सेवा सेतु केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने ऑनलाइन उपलब्ध सेवाओं, आवेदन प्रक्रिया तथा नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवा सेतु के माध्यम से मिलने वाली सभी डिजिटल सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है तथा इसके जरिए नागरिकों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं मिलनी चाहिए।

शिकायतों के त्वरित निराकरण पर दिया जोर

आयुक्त ने राहत एवं शिकायत शाखा का निरीक्षण कर प्राप्त शिकायतों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों एवं राहत संबंधी सभी मामलों का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।

निरीक्षण के अंत में आयुक्त नरेंद्र दुग्गा ने कहा कि शासन की प्राथमिकता नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय-सीमा का पालन करते हुए पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

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