जशपुर, 09 जून 2026। जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जशपुर विकासखंड के ग्राम पतराटोली में उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी का अवलोकन कर किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत कृषि तकनीकों और आधुनिक खेती की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का भी निरीक्षण किया।
अवलोकन के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री करण सोनकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जिले के भ्रमण के दौरान ग्राम पतराटोली निवासी किसान श्री अनारथ साय के ऑयल पाम प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने किसान से ऑयल पाम की खेती, उत्पादन और उससे होने वाले लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी ली तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के प्रभाव का आकलन किया।
किसान श्री अनारथ साय ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत एक एकड़ क्षेत्र में संरक्षित खेती के लिए शेडनेट हाउस स्थापित किया है, जहां ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है। इस परियोजना की कुल लागत 28 लाख 40 हजार रुपये है, जिसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा 14 लाख 20 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।
प्रभारी सचिव ने संरक्षित खेती की तकनीक, उत्पादन क्षमता तथा इससे किसानों की आय में हो रही वृद्धि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किसान द्वारा अपनाए गए नवाचारों और उन्नत कृषि पद्धतियों की सराहना की।
किसान अनारथ साय ने बताया कि उन्होंने समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत दो हेक्टेयर क्षेत्र में आम और लीची का बगीचा विकसित किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य फसलों के बीच उपलब्ध खाली भूमि का उपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती को अपनाया है। इसके अंतर्गत स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे उन्हें वर्षभर अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किसान द्वारा अपनाई गई इंटरक्रॉपिंग प्रणाली को अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि एकीकृत कृषि प्रणाली एवं अंतरवर्ती खेती के माध्यम से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं तथा सालभर नियमित आय सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक खेती को अपनाएं और अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें।
जशपुर जिले में उद्यानिकी आधारित खेती, संरक्षित कृषि तकनीक और ऑयल पाम उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयास किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा दे रहे हैं।