रायपुर: विश्व स्तनपान सप्ताह पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ के पहले ‘मातृ दूध कोष’ की घोषणा ,माता यशोदा सम्मान से 10 माताओं का सम्मान, मातृ दुग्ध दान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

रायपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अवसर पर गुरुवार को रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) तथा राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (SHSRC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्तनपान के महत्व, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा नवजातों के पोषण को लेकर व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण छत्तीसगढ़ के प्रथम “मातृ दूध कोष (Human Milk Bank)” की स्थापना की घोषणा रही। इस पहल का उद्देश्य ऐसे नवजात शिशुओं तक सुरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता।

10 माताओं को मिला ‘माता यशोदा सम्मान’

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 10 माताओं को “माता यशोदा सम्मान” से सम्मानित किया गया। इन माताओं ने अपने मातृ दुग्ध का दान कर कई नवजात शिशुओं को जीवनदायी सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर मातृ दुग्ध दान को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।

मां का दूध शिशु का पहला और सबसे सुरक्षित आहार : स्वास्थ्य मंत्री

मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित और संपूर्ण आहार है, जो उसके स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पहला मातृ दूध कोष उन नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायी साबित होगा, जिन्हें अपनी मां का दूध उपलब्ध नहीं हो पाता।

उन्होंने मितानिन कार्यक्रम के 25 वर्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 72 हजार मितानिन बहनें दूरस्थ और जरूरतमंद क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं। उन्होंने इन्हें आज की ‘शबरी’ बताते हुए उनके समर्पण की प्रशंसा की।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में भी मां के दूध को साहस, संस्कार और आत्मविश्वास का प्रतीक माना गया है। उन्होंने सभी नागरिकों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि प्रदेश का कोई भी नवजात मातृ दुग्ध से वंचित न रहे और स्तनपान को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए।

स्तनपान से ही बनेगा कुपोषण मुक्त समाज : अमित कटारिया

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान, छह माह तक केवल मां का दूध तथा माताओं को संतुलित पोषण उपलब्ध कराना स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, प्रत्येक मां को उचित परामर्श देने तथा इस संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा ह्यूमन मिल्क बैंक स्टॉल के अवलोकन, दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ हुई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा विभिन्न जिलों से आए अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और मितानिन बहनें उपस्थित रहीं।

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