पत्थलगांव, 10 जून 2026। पत्थलगांव में ट्रांसफार्मर में आग लगने और बिजली व्यवस्था में लापरवाही संबंधी शिकायतों के बाद विद्युत विभाग ने जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभागीय जांच में यह सामने आया है कि संबंधित ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना पूरी तरह सही नहीं थी। जांच में पाया गया कि ट्रांसफार्मर सुरक्षित था और उसे किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कार्यपालन यंत्री द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कनिष्ठ यंत्री अमृत बेक ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि अंबिकापुर रोड स्थित 315 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने से चिंगारी निकली थी। यह चिंगारी ट्रांसफार्मर डीपी के नीचे जमा कचरे के ढेर पर गिर गई, जिससे वहां आग लग गई। आग के प्रभाव से केबल प्रभावित हुई, लेकिन ट्रांसफार्मर पूरी तरह सुरक्षित रहा।
विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित केबल की मरम्मत की और उसी समय विद्युत आपूर्ति को सामान्य कर दिया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड की कोई समस्या नहीं है तथा वर्तमान में उसकी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।
कार्यपालन यंत्री ने बताया कि पत्थलगांव क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए नियमित रूप से रखरखाव और मेंटेनेंस कार्य किए जाते हैं। इसी क्रम में 21 मार्च 2026 को समाचार पत्रों के माध्यम से पूर्व सूचना जारी कर 22 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपसंभाग के सभी फीडरों का व्यापक अनुरक्षण एवं मेंटेनेंस कार्य किया गया था। इसके अलावा समय-समय पर विद्युत लाइनों और उपकरणों का आवश्यक रखरखाव भी किया जाता है।
विभाग ने बताया कि प्राकृतिक कारणों जैसे आंधी-तूफान से होने वाले अस्थायी व्यवधानों को छोड़कर क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए पिछले तीन वर्षों में क्षेत्र में 25 केवीए के 9, 63 केवीए के 4, 100 केवीए के 7 तथा 200 केवीए क्षमता के 20 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। साथ ही 33/11 केवी उपकेंद्र पत्थलगांव में पुराने 3.15 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की जगह 5.00 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत तंत्र को और मजबूत बनाया गया है।
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में किसी प्रकार की बिजली कटौती का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और न ही क्षेत्र में नियोजित बिजली कटौती की जा रही है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।