रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कुनकुरी सदन पहुंचीं। उन्होंने यहां ठहरे गंभीर मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली।
इस दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए उपलब्ध रहने, भोजन, मेडिकल चेकअप सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित लोगों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
गंभीर मरीजों और परिजनों के लिए सहारा बना कुनकुरी सदन
रायपुर में इलाज के लिए आने वाले जशपुर सहित अन्य जिलों के गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के लिए कुनकुरी सदन महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर यहां मरीजों एवं उनके परिजनों के ठहरने, भोजन और अस्पताल तक पहुंचने जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
इस पहल से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से रायपुर इलाज के लिए आने वाले परिवारों को रहने की समस्या से राहत मिल रही है। साथ ही अस्पताल में इलाज और भर्ती की प्रक्रिया के दौरान भी उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जरूरतमंदों के लिए उम्मीद का केंद्र
गंभीर बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया भी मदद और उम्मीद का केंद्र बना हुआ है। मरीज या उनके परिजन कैंप कार्यालय पहुंचकर आवेदन के माध्यम से अपनी समस्या बताते हैं। इसके बाद प्रकरण पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें उपचार और उचित चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की जाती है।
जरूरत के अनुसार मरीजों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से रायपुर भेजा जाता है। रायपुर पहुंचने के बाद मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तथा इलाज की प्रक्रिया में भटकना न पड़े, इसके लिए कुनकुरी सदन के माध्यम से आवश्यक सहयोग और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल से जशपुर सहित अन्य क्षेत्रों के गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान रहने, भोजन, अस्पताल तक पहुंचने और आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं एक ही व्यवस्था के माध्यम से मिल रही हैं।
मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए रायपुर आने वाले परिवारों को काफी राहत मिल रही है।