रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी के साथ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आयोग का प्रत्येक कार्य संविधान, चुनावी कानूनों और पारदर्शी रूप से जारी निर्देशों पर आधारित होता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले फेक नैरेटिव के प्रति अधिकारियों को सतर्क रहने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान भारतीय मतदाताओं के चुनावी व्यवस्था पर विश्वास का प्रमाण है।
चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि डिजिटल युग में एआई, डीपफेक और भ्रामक सामग्री के माध्यम से संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऐसे प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आग्रह किया। साथ ही चुनावी साक्षरता क्लब (ELCs) के माध्यम से युवा मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष बल दिया।
सम्मेलन में मतदाता सूची से लेकर मतदान तक की संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया, ईसीआईनेट (ECINET), संवैधानिक प्रावधानों, मीडिया कानूनों, प्रेस नोट लेखन, मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रबंधन, भ्रामक सूचनाओं से निपटने की रणनीति तथा निर्वाचन आयोग की जन-जागरूकता पहलों पर विस्तृत और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को समूहों में मतदाता सूची निर्माण, मतदान प्रक्रिया एवं मतगणना प्रक्रिया का प्रदर्शन कराया गया। इसके पश्चात प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का निर्देशित भ्रमण भी कराया गया। सम्मेलन में हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विभिन्न सफल कार्यप्रणालियों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई।
सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों और निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। छत्तीसगढ़ से इस सम्मेलन में सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक तथा राज्य के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी शामिल हुए। इससे चुनावी संचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।