जशपुर, 31 मई 2026। जिले में ग्रीष्म ऋतु के दौरान आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिलेभर के फल विक्रय प्रतिष्ठानों, थोक एवं खुदरा बाजारों, स्टोरेज केंद्रों तथा स्थानीय हाट-बाजारों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान फलों के भंडारण, रख-रखाव एवं स्वच्छता की स्थिति की जांच की जा रही है। अस्वच्छ वातावरण में संचालित दुकानों तथा सड़े-गले फलों के विक्रय पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर फलों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भी भेजे जाएंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़ी-गली अवस्था में भंडारित अथवा विक्रय किए जा रहे फलों को मौके पर ही नष्ट किया जाएगा। साथ ही आम, तरबूज, खरबूज जैसे मौसमी फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों, अत्यधिक मिठास बढ़ाने वाले कृत्रिम पदार्थों तथा फलों को आकर्षक बनाने के लिए लगाए जाने वाले रंगों एवं स्टिकरों की भी जांच की जा रही है। ऐसे पदार्थों का उपयोग पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संपूर्ण जशपुर जिले में फल विक्रेताओं, स्थानीय साग-सब्जी विक्रेताओं, गन्ना रस एवं फलों के जूस विक्रय केंद्रों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्वच्छता बनाए रखने, एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की समय-समय पर छंटनी एवं नष्टीकरण, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, पेस्ट कंट्रोल, फूड हैंडलर्स के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा वैध खाद्य लाइसेंस के साथ व्यवसाय संचालन संबंधी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि जिले के नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित, स्वच्छ एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।