जशपुर, 09 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिले में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एम्बुलेंस सेवाएं, संस्थागत प्रसव, एचपीवी टीकाकरण, सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, एनसीडी और आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने 102, 108 और 1099 एम्बुलेंस सेवाओं को हर समय सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को 102 एम्बुलेंस से सुरक्षित घर पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने पीवीटीजी बसाहटों के साथ अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों, मेलों और बड़े आयोजनों में भी मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले नवजातों का अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने तथा जननी सुरक्षा योजना की राशि समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सर्पदंश और कुत्ते के काटने के मामलों में मरीजों को तत्काल और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीयन, एएनसी जांच और आरसीएच पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं, शिशु पंजीयन और टीकाकरण संबंधी आंकड़ों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी सभी पात्र बालिकाओं के शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश देते हुए उन्होंने व्यापक जनजागरूकता और अभिभावकों की काउंसिलिंग पर जोर दिया।
बैठक में सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, गैर-संचारी रोग, नियमित टीकाकरण, एनआरसी और आयुष्मान कार्ड सहित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में सीपेज की समस्या का शीघ्र समाधान करने, सभी स्वास्थ्य भवनों का निरीक्षण कर मरम्मत का प्रस्ताव तैयार करने, आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति और ई-ऑफिस प्रणाली का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।