जशपुर, 11 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत नीमगांव ने जनभागीदारी और मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण का एक प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत किया है।
ग्राम पंचायत नीमगांव में वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचार आधारित संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इन प्रयासों से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका को भी मजबूती मिली है।
गांव के सरपंच श्री नागेंद्र भगत के नेतृत्व में जल संवर्धन के व्यापक कार्य किए गए हैं। ग्राम पंचायत में कुल 2587 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। ये कंटूर ट्रेंच पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में बनाए गए हैं, जिनमें वर्षा का पानी एकत्र होकर धीरे-धीरे भूमि में समाहित हो जाता है। इससे भूजल स्तर में वृद्धि होने के साथ मिट्टी का कटाव भी रुकता है।
सरपंच श्री नागेंद्र भगत ने बताया कि खेतों के किनारे 5 प्रतिशत मॉडल संरचनाएं विकसित की गई हैं, जिनमें वर्षा जल का संचयन होता है। इससे खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और फसलों को आवश्यक जल उपलब्ध होता है।
ग्राम में जल निकासी और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हेडपंपों के पास लगभग 30 सोक पीठ का निर्माण किया गया है। इन सोक पीठों के माध्यम से उपयोग के बाद निकलने वाले पानी का सुरक्षित निपटान हो रहा है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या में कमी आई है।
इसके अलावा गांव में निर्मित डबरियां भी जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। सरपंच ने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में भी डबरियां पानी से लबालब भरी हुई हैं। इनमें वर्षा जल का संग्रहण होता है, जिसका उपयोग किसान सिंचाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर सकते हैं। इससे किसानों को जल संकट से राहत मिलने के साथ कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
नीमगांव में किए गए ये प्रयास जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक सफल उदाहरण बनकर सामने आए हैं। गांव की यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।