जशपुर: जशपुर जिले में जन्म और मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया को अधिक सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब जन्म-मृत्यु पंजीयन के दौरान नया आधार ऐप पहचान के वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा। ऐसे मामलों में आवेदकों से फिजिकल आधार कार्ड या उसकी छायाप्रति जमा कराने की अनिवार्यता नहीं होगी।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के नए आधार ऐप में नागरिक अपनी पहचान संबंधी जानकारी को सुरक्षित और गोपनीय तरीके से साझा कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से 12 अंकों का आधार नंबर बताए बिना भी पहचान का सत्यापन संभव होगा।
नए आधार ऐप की प्रमुख विशेषता वेरिफिएबल क्रेडेंशियल है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी आवश्यकतानुसार पूरी या आंशिक पहचान संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में साझा कर सकेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा आधार अधिनियम, 2016 के तहत इस डिजिटल रिकॉर्ड को विधिक मान्यता प्राप्त है।
जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई हितग्राही नए आधार ऐप के माध्यम से अपना डिजिटल पहचान विवरण प्रस्तुत करता है, तो उसे पूरी तरह वैध पहचान प्रमाण मानते हुए स्वीकार किया जाए। ऐसी स्थिति में आवेदक को भौतिक आधार कार्ड या उसकी फोटोकॉपी जमा करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
हालांकि, फिजिकल आधार कार्ड, आधार पत्र, ई-आधार, मास्क्ड ई-आधार और एम-आधार पहले की तरह पहचान प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नागरिकों को असुविधा होने पर संबंधित रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।