जशपुर, 10 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर घने जंगलों से घिरे सीमांत ग्राम बिरहीपानी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब गांव के सभी 129 घरों में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण पेयजल के लिए हैंडपंप, कुओं और ढोढ़ी जैसे पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर थे। गर्मियों में जलस्तर घटने से पानी की समस्या और बढ़ जाती थी। कई बार लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत होती थी। साथ ही असुरक्षित जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।
इन समस्याओं के समाधान के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में संगठित पाइप जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की गई। योजना के अंतर्गत चार उच्च स्तरीय जलागारों का निर्माण किया गया तथा पूरे गांव में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया। इसके माध्यम से सभी 129 परिवारों को क्रियाशील फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
अब प्रत्येक परिवार को घर पर ही स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। इससे महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है। वे अब परिवार, बच्चों की देखभाल और आजीविका संबंधी कार्यों के लिए अधिक समय दे पा रही हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति भी बढ़ी है।
योजना के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम स्तर पर गठित जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपी गई है। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जलापूर्ति व्यवस्था का सफल संचालन किया जा रहा है।
ग्रामवासियों ने इस बदलाव पर खुशी जताते हुए कहा कि घर-घर नल से जल मिलने से उनका जीवन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक बन गया है। ग्राम बिरहीपानी की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता के माध्यम से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाओं को साकार किया जा सकता है।